सात ग्रहो के अलावा पांच अप्रकाश ग्रहो का उल्लेख पराशरजी ने किया है जिसका फल उन्हों ने अशुभ बताया है। आज हम इन अप्रकाश ग्रहों को ज्ञात करने की विधि देखेंगे।
इन पांच मे से धूम का बारह भावो का फल बता दिया है, अन्य ग्रहों के फल हम आने वाली पोस्ट मे देखें…
वैसे तो #ज्योतिष में राशि परिवर्तन को बहुत ही #शुभ माना गया है, इससे ६६ योग बनते है, जिसमे से २८ योग #महा_योग जो #शुभ_फल प्रदान करनेवाले, और ३० #दैन्य_योग, ८ #खल_योग#अशुभ_फल देने वाले होते है।A) महा योग (२८ योग) १)
Continue Readingलग्न से नवमेश तथा दशमेश ग्रह यदि परस्पर युति, दृष्टि अथवा व्यत्यय (Exchange) द्वारा परस्पर सम्बन्धित हों और बलवान् होकर एक-दूसरे से केन्द्र (चतुर्थ, सप्तम, दशम) में स्थित हों अथवा लग्नेशाधिष्ठित राशि के स्वामी से युक्त हों तो जातक उत्तम दर्जे का धनी…
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